ज्योतिष शास्त्र में मंगल शारीरिक शक्ति

ज्योतिष शास्त्र में मंगल शारीरिक शक्ति, आत्म-विश्वास, अहंकार, क्रोध एवं वीरता का प्रतीक माना गया है । मंगल रक्त, मांसपेशी और मज़्ज़ा का स्वामी ग्रह भी है । इसलिये जन्मकुण्डली में मंगल का शुभ होना जातक के सम्पूर्ण व्यक्तित्व के लिए आवश्यक और सुखकारी माना जाता है